कोरोनावायरस के खतरे को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन का शुक्रवार को तीसरा दिन है। काम-धंधा ठप हुआ तो मजदूरी करने वालों के पास पेट पालने के लिए कोई चारा नहीं बचा है। मजबूरी में उन्हें मीलों की दूरी पैदल ही तय करनी पड़ रही है। कानपुर से बांदा पैदल जा रहे कुछ युवकों ने कहा कि भूख से बचने के लिए शहर भागे थे, हम कोरोना से शायद बच भी जाएं, लेकिन भुखमरी से जरूर मर जाएंगे। अब हमें भूखे ही अपने घरों को लौटना पड़ रहा है। अब इसे नासमझी कहिए या मजबूरी...। उन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए करीब 150 किमी सफर तय करना पड़ा। पैरों में पड़े छालें उनकी राह में पड़ने वाले रोड़ों की कहानी बयां कर रहे थे।
कोरोनावायरस के खतरे को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन का शुक्रवार को तीसरा दिन